क्रिसमस पार्टी मैं  पूजा की चुदाई

Dec 16, 2025 - 13:40
Dec 16, 2025 - 15:40
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क्रिसमस पार्टी  मैं  पूजा की चुदाई

क्रिसमस के दिन मैं और पूजा घर पर ही थे।  पूजा ने एक छोटी सी पार्टी रखी थी, इसलिए हम दोनों शाम को कुछ खरीदने बाजार गए।  तीन लड़के और दो लड़कियाँ, कुल पाँच दोस्तों को उसने फोन किया था।  हम सब खाने-पीने के साथ-साथ सैक्स पर भी चर्चा कर रहे थे।

 बातें करते हुए, मैंने एक लड़की और लड़के को आपस में छेड़खानी करते हुए देखा, जिससे मुझे लगा कि परिवेश बहुत गर्म हो गया है।  अपनी टांगों के बीच भी मुझे गर्मी लगने लगी।

 मेरी स्थिति को समझते हुए पूजा ने मुझे बाहर बरामदे में चलने को कहा।  “शालिनी, बस कुछ देर और प्रतीक्षा कर ले यार,” उसने मुझे चूमकर कहा।  अभी भी असली पार्टी है। ”

 जब सब लोग चले गए, पूजा दरवाजा बंद करके मुझे बेडरूम की ओर खींचने लगी।  मैं पहले से ही बहुत गर्म था, इसलिए मैंने पूजा को गले लगाकर उसके होठों को चूसने लगा।  पूजा मुझे पलंग पर धक्का देकर मेरे ऊपर चढ़ गई और मेरे दोनों होठों को चूसने लगी और अपनी चूत मेरे होठों पर रगड़ने लगी।

 थोड़ी देर बाद हमने पलटी खाई और मैं उसके ऊपर चढ़कर धक्के मारने लगी।

 तभी पूजा ने बताया कि उसने अपने सहकर्मी लड़के को बुलाया है और वह पूरी रात हमारे साथ रहेगा।

 हमने घर को जल्दी से साफ-सफाई किया और सुगंधित स्प्रे डाला।  पूजा की घण्टी साढ़े चार बजे बज गई।  समीर अंदर आया जब उसने नाम देखा और दरवाजा खोलने गई।

 वह लगभग ३० वर्ष का एक गबरू युवा था, जिसे पूजा ने मुझसे परिचय करवाया।  मैंने उससे खाने के कुछ पैकेट लेकर रसोईघर में रख दिए।  हम तीन सभाओं में बैठकर चर्चा करने लगे।  तभी पूजा उठी और वोदका की बोतल ले आई।  उसने पहली पार्टी में इस बोतल को क्यूँ नहीं निकाला, जब सब लोग पी रहे थे?

 ठीक है, पूजा ने हम सबसे कहा कि हम तीनों रात भर मनोरंजन करेंगे, इसलिए कोई भी जल्दबाजी नहीं करे।

 फिर उसने सब लाइटें बंद कर दीं और सिर्फ एक छोटी लाइट जलती छोड़ दी।  थोड़ी देर बाद पूजा समीर की गोद में बैठ गई और उसे चूमने लगी।  पूजा खत्म होने के बाद, मैं उठकर उसकी गोद में जा बैठी और उसको चूमने लगी।  मैं पहले से ही बहुत गर्म थी और चुदना चाहती थी, इसलिए मैंने समीर को चाटते हुए अपनी गांड को जोर से दबाया ताकि वह समझ जाए. जब उसने मेरी गांड सहलाई, तो मैं जान गया कि वह समझ गया था।  समीर को पूजा के लिए बुलाया गया था, इसलिए उसके लंड पर पूजा का पहला अधिकार था।

 कुछ देर बाद पूजा ने मेरी जींस उतार दी और मुझसे खड़े होने को कहा।  मैंने हँसकर कहा, "बिल्कुल क्यों नहीं!" समीर ने मुझे देखकर पूछा कि क्या मैं अपने कपड़े उतार सकता हूँ। ”

 फिर समीर ने हमें चूमते हुए हमारी जींस और टी-शर्ट उतारी।

 जब पूजा ने समीर की पैंट और अंडरवीयर उतारे, तो मैंने देखा कि उसका लंड पूरी तरह से तना हुआ था।  फिर मैंने उसकी बनियान उतार दी और उसकी छाती पर हाथ फेरने लगा।

 सर्दी भी काफी थी, इसलिए समीर ने पूजा को हीटर लगाने को कहा।  हम तीनों एक दूसरे को चूमा-चाटी करते हुए पी रहे थे।  समीर ने ब्रा उतार दी और मेरे मम्मों को चूसने लगा।  समीर ने कहा कि पूजा मेरी पीठ को चाटने लगी।  थोड़ी देर के बाद, वह पूजा की ब्रा उतारी और अपने मम्मों से खेलने लगी।

 उसकी गाण्ड को सहलाते हुए मैंने भी पूजा की पैंटी उतार दी और उसकी पीठ चाटने लगी।  तापमान बहुत अधिक था।  फिर समीर ने पूजा को अपनी बाँहों में उठाकर नीचे कालीन पर लिटाया और उसके होठों को चूसने लगा।  तब मैंने भी पीठ और गर्दन को चाटना शुरू किया।

 तभी समीर हल्का सा उठा. इससे पहले कि मैं कुछ समझ सकूँ, पूजा की जोर से चीख निकली, और मैंने देखा कि समीर का लंड पूजा की चूत में जड़ तक घुस गया था।

 समीर कुछ देर ऐसे ही लेटा रहा, फिर पूजा को धीरे-धीरे चोदना शुरू कर दिया।  पाँच मिनट भी नहीं हुए थे कि मैंने देखा कि समीर ने पूजा के ऊपर निढाल होकर एक जोरदार झटका दिया।

 मैंने सोचा कि वह टूट गया है।  थोड़ी देर बाद, वह पूजा की चूत से अपना लंड निकालकर बाथरूम में चला गया। मैंने पूजा से कहा, "तुमने समीर के लंड का स्वाद चख लिया लेकिन मेरी चूत प्यासी रह गई।"

 यह सुनकर पूजा ने कहा कि चिंता मत करो।  अभी समीर भी तुम्हारी प्यास बुझा देगा।  हम बस रात भर चुदाई करेंगे।

 फिर हम खाने-पीने लगे।  समीर ने मुझे अपनी ओर खींचा और हम दोनों चाटने लगे।

 पूजा समीर के लंड को सहलाने लगी।  तभी मैंने समीर का लंड मुँह में लेकर उसे चाटने और चूसने लगी।  मेरे मुंह में ही उसका लंड खड़ा होने लगा।  मैं उसके लंड को बहुत देर तक चूसती रही और बीच-बीच में अपनी जीभ उसके सिरे पर घुमाती रही।  अब मेरी थूक और उसके वीर्य की बूँदों से उसका लंड चमक रहा था।

 फिर समीर ने मुझे भी नीचे कालीन पर लिटाया और मेरी टांगें चौड़ी करके मेरी चूत को चाटने लगा।

 मैं जोर से कराह रहा था, "ओह्ह्ह समीर!!!!"  वाह, समीर!  छोड़ो मुझे!

 किंतु समीर ने पूरे जोर से मेरी टांगें खोली और फिर मेरी चूत को चाटने लगा।  मैं जोर से चिल्लाया, "चोदो मुझे! अपना लंड मेरी चूत में डाल दो!" मैं झड़ने वाली हूँ।  समीर, मुझे चोदो।  जोर से मुझे चोदो!

 तब उसने मुझे छेड़ना शुरू कर दिया, अपने लंड के सिरे को मेरी चूत पर रगड़ते हुए।  फिर उसने दूसरा धक्का दिया और कुछ सेकंड में पूरा लंड मेरी चूत में घुसेड़ दिया।

 मैंने उसे जोर से चोदने के लिए अपनी टांगें उसके ऊपर लपेट दीं।  मैं उसके होठों और चेहरे को चूम रही थी और समीर ने मुझे चोदना शुरू किया।  हम दोनों बहुत जोर से चिल्ला रहे थे।

 मैं अब समीर के लंड पर सवार था और कुछ देर के बाद उसे नीचे आने को कहा।  अब पूजा, जो हम दोनों को चुदाई करते हुए देख रही थी, मेरी पीठ से गांड तक चाटने लगी।

 जब मैं समीर के लंड पर कुछ देर तक उछलने के बाद लगता था कि मैं झड़ने वाली हूँ, मैंने पूजा को अपनी ओर खींचा और उसके होठों को अपने होठों में दबाकर जोर से चूसने लगी. फिर मैं झड़ने लगा।

 कुछ ही सेकंड बाद, समीर भी झड़ गया, और उसके गर्म गर्म वीर्य से मेरी चूत गर्म हो गई।  मैं भी उसके ऊपर से उतर गया और उसके साथ ही लेट गया जब मुझे लगा कि उसका सिकुड़ा हुआ लंड मेरी चूत से बाहर निकल गया है।  वह मेरे साथ लेट गई और मेरे गाल को चाटते हुए पूछा, "मज़ा आया क्या?" ”

 मैंने कहा, “हाँ, एक बार तो झड़ गया हूँ! अन्तर्वासना.कॉंम पर आप यह कहानी पढ़ रहे हैं।

 हम सब एक घंटे तक लेटे रहने के बाद उठे और साफ होने के बाद सोफे पर बैठ गए।  बातें करते हुए फिर से खाने-पीने लगे, जब समीर ने सब के लिए पैग बनाया।

 बाद में पूजा ने मुझे बेडरूम में फोन किया और पूछा, "और चुदाई का मूड क्या है?" ”

 मैंने कहा, “नहीं अभी तो नहीं है, लेकिन बाद में मूड भी बन सकता है।” ”

 “तो चल तू बहाने से उसके हाथ पकड़ो, मैं उसका अंडरवीयर उतार दूँगी, फिर उसके लंड से खेलो,” पूजा ने कहा। ”

 फिर मैं बाहर आकर समीर के पीछे खड़े होकर उसकी बाँहों को अपने मोम्मों पर रखकर उसे चूमने लगी।  उसके सामने खड़े होकर पूजा ने अपना अंडरवीयर उतारना शुरू किया।

 समीर ने बार-बार कहा कि थोड़ी देर ठहर जाएं, लेकिन हम दोनों ने उसकी एक बात सुनी और कालीन पर बैठकर उसके लिंग को चूसना शुरू कर दिया।  मैं कभी पूजा करती तो कभी अपने मोम्मे उसके लंड पर रगड़ती।  मेरे मुँह में समीर का लंड होता अगर पूजा के मुँह में होता।

 थोड़ी देर में उसका लंड खड़ा हो गया और हम दोनों ने उसका वीर्य चूसकर निकाल दिया।  जैसे ही उसके वीर्य का फव्वारा निकला, पूजा ने अपने लंड को हम दोनों के मोम्मों की ओर कर दिया और तब तक उसके लंड को हिलाती रही जब तक समीर के लंड से वीर्य की आखिरी बूँद नहीं निकल गई।  जब सुबह चार बज गए, हम सब बारी बारी नहाए और अपने कपड़े पहनकर सोने की तैयारी करने लगे।

 समीर ने मुझे बताया कि उसका दिल एक बार फिर चुदाई कर रहा है जब मैं सो गया।

 तीन बार झड़ने के बाद उसका लंड फिर से तैयार था, जो मुझे हैरान कर दिया।

 जब मैंने पूछा तो पूजा पहले से ही तैयार थी।  बाद में समीर हम दोनों को बैडरूम में ले गया।  उसने हम दोनों को बिस्तर पर लिटाकर हमारे ऊपर लेट गया।  हम तीनों ने बहुत देर तक एक दूसरे को चूमते चाटते रहे, लेकिन फिर समीर ने हमें बैड के एक तरफ झुक कर खड़े होने को कहा।  जैसे हम समीर को गांड मारने के लिए कह रहीं हों, हम दोनों ने अपनी गांड हिलाना शुरू कर दिया।

 फिर समीर पूजा के पीछे आया और उसकी टांगों को खोलकर चूत में अपना लंड डालकर उसकी चूत को दनादन चोदने लगा।  हम दोनों एक साथ गांड मारने लगे।  थोड़ी देर में, उसने मुझे पूजा के नीचे आकर उसके होठों को चूसने को कहा।  मुझे ऐसा करने को कह रहा था क्योंकि मुझे लगता था कि समीर अब पूजा की गांड मारेगा ताकि कोई चीख न निकले।

 पूजा ने अपनी टांग उठाकर मुझे अपने नीचे आने दिया और मैं उसके होठों को अपने होठों में दबाकर जोर से चूसने लगा।  तभी समीर ने मेरे मोम्मों पर हाथ डालकर बहुत जोर से दबाने लगा।  थोड़ी देर बाद, पूजा मेरे नीचे लेटकर मेरे होंठ चूसती हुई मेरे मोम्मे दबाती हुई घोड़ी की समीर से चुद रही थी।  मेरी गांड को सहलाते हुए समीर ने धीरे-धीरे मेरे कान में कहा कि अब वह मेरी गांड मारने वाला है।

 मैंने जोर से अपना सिर हिलाया और कहा कि मैं आज बहुत थक गया था, इसलिए फिर किसी दिन मेरी गांड मार ले।  मैं इस बार चुदाई के दौरान दो बार गिर गया और मेरी टांगें कांप रही थीं।  हम दोनों को चालीस मिनट तक बारी बारी से चोदा, फिर समीर ने एक तीव्र हुंकार के साथ अपने वीर्य की पिचकारी मेरी गांड पर छोड़ दी।  समीर ने हम दोनों की गांड पर अपना पूरा वीर्य डाल दिया।

 हम सभी ने कुछ देर बाद अपने आप को साफ किया और सो गए।  दोपहर तीन बजे जब मैं उठकर देखा कि पूजा और समीर दोनों नहीं थे।  मैं बाहर के कमरे में आई तो समीर पूजा की गांड मार रहा था और तेल की बोतल खाली पड़ी थी।

 पूजा ने मुझे देखा और कहा, “आ जा शालू!”  गांड मरवाने का मज़ा भी ले लो! ”

 मैंने उसे मना कर दिया और मुझे शर्म आ गई कि हम तीनों ने पूरी रात चुदाई नहीं की।

 वह नहा कर तैयार होकर चला गया जब समीर ने उसकी गांड मार दी।  जैसे ही समीर चला गया, पूजा मुझे चूमने लगी और मेरे कपड़े उतारने की कोशिश की।  बाद में मैंने भी अपने कपड़े उतार दिए और हम एक दूसरे को बाँहों में लेकर रजाई में घुस गए।

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